केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने साइबर वित्तीय अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में 35 ठिकानों पर एकसाथ छापे मारे और तीन अंतरराष्ट्रीय गिरोहों का भंडाफोड़ किया। इसमें दो गिरोह दिल्ली एवं गाजियाबाद से चल रहे थे। दो आरोपी गिरफ्तार भी किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ अमेरिका की एफबीआई के साथ ब्रिटेन, कुवैत, आयरलैंड व सिंगापुर की एजेंसियों के साथ 30 जनवरी से 10 राज्यों में ऑपरेशन साइस्ट्राइक शुरू किया गया था। इसके तहत दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, बिहार, कर्नाटक, उत्तराखंड, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में छापे मारे गए।
ऑपरेशन में उन साइबर अपराधी गिरोहों पर कार्रवाई की गई, जो भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, कुवैत, आयरलैंड, सिंगापुर में सक्रिय थे। छापों के दौरान दिल्ली से संचालित अंतरराष्ट्रीय साइबर वित्तीय अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था। दिल्ली, गाजियाबाद और कर्नाटक से चल रहे एक अन्य गिरोह का भी पर्दाफाश किया गया। यह नेटवर्क कुवैती ई-वीजा उपलब्ध कराने और भारतीय नागरिकों को पैसे के बदले कुवैत की प्रमुख कंपनियों में नौकरी दिलाने की आड़ में चल रहा था। तीसरा गिरोह ब्रिटेन, आयरलैंड व सिंगापुर के नागरिकों से ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहा था। इसके फर्जी खातों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है ।
लैपटॉप, फोन व 60 लाख नकदी जब्त : सीबीआई के मुताबिक, तलाशी में लैपटॉप, मोबाइल फोन, कंप्यूटर हार्ड डिस्क जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए, जिनमें फर्जी कुवैती ई-वीजा और कुवैत की प्रमुख कंपनियों में काम करने के लिए नियुक्ति पत्र थे। इसके अलावा, 60 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए।
