शिक्षकों की लापरवाही स्कूल प्रबंधन को पड़ी भारी, देना पड़ा 50 लाख का मुआवजा
स्कूल टूर पर शिक्षकों की लापरवाही से दिमागी बुखार का शिकार हुई छात्रा को सुप्रीम कोर्ट ने 88.73 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है।
अदालतों ने पाया इस बीमारी के कारण लड़की सामान्य जीवन नहीं जी पाएगी और उसकी शादी होने की भी संभावना लगभग खत्म हो गई है। मामला बेंगलुरु का है जहां छात्रा अक्षता को स्कूल टूर पर लापरवाही के चलते स्कूल प्रबंधन पर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा 88.73 लाख का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया था लेकिन स्कूल प्रबंधन की अपील पर राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने मुआवजे की राशि 50 लाख कर दिया। शैक्षिक यात्रा पर दिसंबर 2006 में उत्तर भारत आई अक्षता तब 14 वर्ष की थी। जब उसके साथ यह हादसा हुआ। वह बेंगलुरु के एक स्कूल में नवी कक्षा में पढ़ती थी।
उसी शैक्षिक यात्रा पर उसे बुखार आया जो कि दिमागी बुखार के रूप में बदल गया। डॉक्टरों ने बताया कि अगर समय से उसकी देखभाल और उसका इलाज हो जाता तो वह ठीक हो सकती थी लेकिन स्कूल प्रशासन की लापरवाही से यह नहीं हो सका और बाद में उसे एयर एंबुलेंस से बेंगलुरु लाया गया। तब से उसकी तबीयत खराब है और वह बिस्तर पर ही है और आगे भी बहुत ही कम संभावनाएं है उसके सही होने की।
Samiksha
