कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का असर कम होने पर लगभग डेढ़ साल बाद इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय समेत संघटक कालेजों में शुक्रवार से ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है। अभी सिर्फ पीजी और शोध विद्यार्थियों के लिए ही परिसर खुला है। पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या कम रही। उम्मीद जताई जा रही है कि अब सोमवार से कक्षाओं में विद्यार्थियों की पहले जैसे चहल-पहल नजर आएगी।
संक्रमण की वजह से देश ही दुनिया भर के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए थे। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय व संघटक कालेजों को भी बंद करने का निर्णय ले लिया गया था। अब जबकि संक्रमण की दूसरी लहर का असर कम हुआ है और स्थितियों में काफी सुधार होने लगा है तो विश्वविद्यालय भी खोलने की मांग हो रही थी। ऐसे में विवि प्रशासन ने पहली अक्तूबर से परास्नातक सम सेमेस्टर के अलावा पीजी द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर की कक्षाओं के ऑफलाइन मोड में संचालन शुरू करने का निर्णय लिया। साथ ही शोधरत विद्यार्थियों को भी कैंपस में प्रवेश देने पर सहमति बनी है।
सामाजिक दूरी के नियम का पालन करते हुए केंद्रीय पुस्तकालय भी इन विद्यार्थियों के लिए अब खुल गए हैं। विवि प्रशासन ने परिसर में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों के लिए शर्त रखी है कि वह वैक्सीनेशन जरूर करा चुके हों। परिसर में प्रवेश से पूर्व गेट पर उन्हें आईकार्ड के साथ वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र भी दिखाना होगा। शुक्रवार को पहले दिन छात्र-छात्राएं परिसर में बहुत कम संख्या आए। कहा जा रहा है कि शनिवार और रविवार को अवकाश है। ऐसे में बाहरी छात्र अभी नहीं आए हैं। सोमवार से वह भी आ जाएंगे। ऐसे में सोमवार से परिसर में चहल पहल बढ़ेगी और परिसर पहले जैसे गुलजार हो जाएगा। इसके बाद कोविड प्रोटोकाल के तहत हास्टलों में भी प्रवेश देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी
Samiksha
