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इस बार जन्माष्टमी में पढ़ रहा दुर्लभ संयोग, क्यों होगी दो दिन जन्माष्टमी.

- .इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी छह और सात सितंबर को मनाई जाएगी। पहले दिन गृहस्थ और दूसरे दिन साधु-संत जन्माष्टमी मनाएंगे। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस साल कई वर्षों के बाद रोहिणी नक्षत्र व अष्टमी का शुभ संयोग मिल रहा है। इसी संयोग में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था।ज्योतिषाचार्य राधेश्याम शास्त्री, धीरेंद्र पांडेय और एसएस नागपाल के मुताबिक, छह सितंबर को दोपहर में दो बजकर 39 मिनट पर अष्टमी लगेगी। इसी दिन रात में सात बजकर 56 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र लगेगा। ऐसे में रात 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव मनाना शुभ होगा। छह सितंबर को ही व्रत मान्य है। अगले दिन अष्टमी का समापन शाम चार बजकर 14 मिनट पर होगा, जबकि रोहिणी नक्षत्र सुबह 10.25 बजे ही समाप्त हो जाएगा
- निवेदिता केसरवानी प्रयागराज

