नई दिल्ली। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ को लेकर दिल्ली पुलिस में दावा किया है की प्रयागराज जाने वाले दो ट्रेनों के एक जैसे नाम के चलते भ्रम की स्थिति पैदा हुई। इससे ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों में अफरा तफरी की स्थिति पैदा हुई और भगदड़ मच गई। हादसे में करने वाले की संख्या 18 हो गई है, जबकि 15 लोग घायल है। मृतको मे14 महिलाएं व 3 बच्चे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर मोते दम घुटने से हुई। इस बीच दो सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस की अधिकारियों ने बताया है प्रयागराज एक्सप्रेस और प्रयागराज स्पेशल नाम की दो समान नाम वाली ट्रेनों को लेकर भ्रम हुआ। अफरा -तफरी तब शुरू हुई, जब प्लेटफॉर्म संख्या 16 पर प्रयागराज स्पेशल ट्रेन के आने की घोषणा की गई। इस घोषणा से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, क्योंकि प्रयागराज एक्सप्रेस पहले से ही प्लेटफार्म संख्या 14 पर लगी थी। ऐसे में जो लोग प्लेटफार्म संख्या 14 पर अपनी ट्रेन तक नहीं पहुंच सके थे, उन्हें लगा कि उनकी ट्रेन प्लेटफार्म संख्या16 पर आ रही है और वे उसे तरफ भागे। नतीजतन वहां भारी भीड़ उमड़ पड़ीऔर भगदड़ मच गई। पुलिस ने बयान में कहा, इसके अतिरिक्त, प्रयागराज जाने वाली चार ट्रेन थी, जिसमें से तीन देरी से चल रही थी, जिससे अप्रत्याशित भीड़ हो गई। प्लेटफार्म संख्या 12 से मगध एक्सप्रेस 13 से स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और 15 से भुवनेशवर राजधानी रवाना होने वाली थी। जब प्रयागराज स्पेशल ट्रेन प्लेटफार्म संख्या 16 पर आने की घोषणा हुई, तो इन प्लेटफार्म से भी लोग 16 की तरफ भागे। वहां तक पहुंचाने का एकमात्र रास्ता 42 सीढ़ियों वाले संकरे रास्ते से होते हुए 25 फीट चौड़ा फुट ओवर ब्रिज था। अचानक लोगों के आने से सीढ़ीयो पर भीड़ बढ़ गई और लोग फंस गए हैं। उत्तर रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यक प्रबंधक नरसिंह देव और प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त पंकज गंगवार की दो सदस्यीय समिति ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। नरसिंह देव ने कहा, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी लगे। समिति कारणो का पता लगने के साथ ही भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय भी सुझाएंगी। सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
