मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि की तैयारियों अफसरों की नकेल कसी। उन्होंने भीड़ प्रबंधन पर एक बार फिर अधिकारियों को सचित किया। शिविरों में पहुंचे सीएम ने संतो से महाकुंभ की व्यवस्था का फीडबैक लिया और आखिरी स्नान पर्व को निर्विघ्न कराने के लिए कड़ी ताकीद दी । सीएम ने संतों को भविष्य मैं होने वाले धार्मिक आयोजनों को इसी तरह भव्यता के साथ करने का भरोसा दिलाया, वही आखिरी स्नान पर्व को लेकर अफसर को हिदायत की संगम जाने वाले रास्तों पर यातायात को सुचारू रखने के लिए समय रहते होमवर्क पूरा कर लिया जाए। इस दौरान संतों ने महाकुंभ की दिव्यता-भव्यता को सराहा। सीएम ने साधु और संतों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि से भेंट कर महाकुंभ की व्यवस्था पर चर्चा की। आचार्य महामंडलेश्वर ने उन्हें बताया कि आस्था का जन ज्वार त्रिवेणी मैं डुबकी लगाने के लिए उमड़ रहा है। ऐसा दिव्य महाकुंभ इससे पहले कभी नहीं हुआ था। इसने बड़ी संख्या में महाकुंभ मैं पवन डुबकी पहली बार सनातन धर्मी लग रहे हैं। इसके बाद सीएम सदाफल आश्रम स्थित स्वर्वेद महामंदिर ट्रस्ट पहुंचे, जहां उन्होंने विज्ञानदेव समेत अन्य साधु संतों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने संत समाज के साथ संवाद कर महाकुंभ की व्यवस्था का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री सेक्टर सेक्टर -21 मैं कथा वाचक प्रदीप मिश्रा की कथा में भी शामिल हुए। योगी ने श्रद्धालुओं और साधु संतों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप में संचालित करने के लिए हर प्रयास किया है। उन्होंने संत समाज और श्रद्धालुओं को अस्वस्थ आश्वस्त किया कि आने वाले समय में भी धार्मिक आयोजनों को इसी भव्यता और दिव्यता के साथ कराया जाएगा। संतों का कहना था कि यह आयोजन 144 वर्षों के पुण्य संयोग में हो रहा है, जिसमें अब तक करीब 52 करोड़ श्रद्धालु डुबकी लगा चुके है
