संभल। जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट को भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। संभल हिंसा मामले में एसआईटी जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
एएसपी श्रीशचंद ने बताया कि 24 नवंबर को हुई हिंसा और भड़काऊ भाषण देने के मामले में जफर अली को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा उन पर और कई गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने जफर को सुबह कोतवाली बुलाकर गिरफ्तार किया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में उन्हें चंदौसी स्थित जिला न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
जफर को न्यायिक जांच आयोग के सामने सोमवार को बयान दर्ज कराना था। जफर की गिरफ्तारी के मद्देनजर शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट ने 25 नवंबर 2024 को प्रेसवार्ता कर पुलिस पर गोली चलाने का आरोप लगाया था। कहा था कि 24 नवंबर के बवाल में पुलिस ने गोली चलाई और उसमें पांच लोगों की जान चली गई। यही आरोप सदर के जेल जाने का कारण बना। पुलिस ने छानबीन के आधार पर उन्हें बीएनएस की धारा 230 और 231 का आरोपी माना। यह धाराएं झूठे साक्ष्य देने या गढ़ने से संबंधित हैं। इसमें ही गिरफ्तारी की गई है।
इसके अलावा उन पर बवाल की साजिश रचने और भड़काऊ भाषण देने समेत कई गंभीर आरोप भी हैं। दरअसल मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में सांसद जियाउर्रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल को पुलिस ने 24 नवंबर को हुए बवाल में नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज की थी। अन्य अज्ञात में आरोपी बनाए गए थे।
इसी एफआईआर में सदर को आरोपी के रूप में शामिल किया है। बीएनएस की धारा 230 और 231 की कार्रवाई अतिरिक्त की गई है। क्योंकि उनके द्वारा लगाए गए आरोप पुलिस ने पूरी तरह गलत पाए। वह अपने आरोप में कोई साक्ष्य नहीं दे सके।
