प्रदेश में अब अलग-अलग श्रेणी के उद्योगों के लिए पर्यावरण की एनओसी के आवेदनों पर 120 दिन के बजाए 10 से 40 दिन में निर्णय होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह निर्देश बुधवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यों की समीक्षा दौरान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय प्रदेश के 75 जिलो में 28 क्षेत्रीय कार्यालय हैं। इन्हें 18 मंडलों पर पुनर्गठित किया जाए। इसके अलावा प्रत्येक जिले में एक कार्यालय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मंडलों में औद्योगिक गतिविधियां अधिक हैं, वहां एक से अधिक क्षेत्रीय कार्यालय बनाए जा सकते हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री ने उद्योगों से संबंधित अनापत्ति आवेदन (सीटीओ या सीटीई) निस्तारण के समय को और कम करने की कहा, हर जिले में बनाएं यूपीपीसीबी के कार्यालय नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में कहीं भी अवैध विज्ञापन होर्डिंग न लगने पाएं, जहां अवैध होर्डिंग लगी हैं उन्हें तत्काल हटवाएं होर्डिंग के स्थान पर अवैध होर्डिंग हटवाएं। खतरनाक इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड को वरीयता दें। यह सुनिश्चित कराएं कि विज्ञापन होर्डिंग किसी महापुरुष की प्रतिमा या चित्र को विकृत न करता हो। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि सभी नगरीय निकायों के लिए स्पष्ट नियमावली होनी चाहिए, जो आय का अच्छा माध्यम भी बनेगी।
जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लाल, नारंगी व हरी श्रेणी के लिए अनापत्ति आवेदन का निस्तारण अभी 120 दिनों में किया जा रहा है। इसे क्रमशः 40, 25 और 10 दिनों में में किया जाना चाहिए। इस संबंध में आवश्यक तंत्र विकसित करने के निर्देश भी दिए। सीएम ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के रिफॉर्म परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के अनुरूप यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पुनर्गठन की जरूरत है।. 1995 में गठन के बाद से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गतिविधियों, क्षेत्र और काम की प्रकृति में व्यापक परिवर्तन आ चुका है। बदलते समय की जरूरतों को देखते हुए इनमें बदलाव किया जाना चाहिए।
