कभी आईएएस की फैक्टरी के नाम से मशहूर इलाहाबाद विश्वविद्यालय और प्रयागराज की दशकों बाद सिविल सर्विसेज भर्ती परीक्षा में फिर धमक सुनाई दी। प्रयागराज के खाते में न सिर्फ सर्वोच्च स्थान आया बल्कि, चयनितों की फेहरिस्त लंबी है।
इलाहाबाद के शोध छात्र रहे प्रदीप शुक्ला ने 1982 में सिविल सर्विसेज भर्ती परीक्षा को टॉप किया था। खास यह कि उन्हीं के सहपाठी और मित्र एके विश्नोई को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ था। जानकारों को यह याद नहीं है कि 1982 और 2025 के बीच में प्रयागराज के किसी अन्य प्रतियोगी के खाते में यह उपलब्धि आई हो।
प्रदीप शुक्ला व एके विश्नोई के जूनियर रहे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश नाथ उत्तम और विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी अजय सिंह का कहना है कि उन दिनों उन्होंने विश्वविद्यालय में दाखिला लिया था और 1982 की सिविल सर्विसेज भर्ती परीक्षा का परिणाम आया था। उसमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ही धूम रही।
प्रदीप शुक्ला टॉपर रहे। वहीं, एके विश्नोई दूसरे स्थान पर रहे। दोनों लोग विश्वविद्यालय में भौतिकी के शोध छात्र रहे और अमरनाथ झा छात्रावास में रहते थे। खास यह कि दोनों लोगों ने मुख्य परीक्षा में गणित और भौतिकी को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था।
इनके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ही स्नातक और विश्वविद्यालय राजनीतिक विज्ञान के शोधार्थी रहे भूपेंद्र सिंह ने सिविल सेवा भर्ती-1984 में दूसरी रैंक हासिल की थी। वरिष्ठ प्रोफसरों और जानकारों का कहना है कि उन्हें याद नहीं कि किसी और ने यह उपलब्धि हासिल की है। हालांकि, सिविल सर्विसेज में चयनितों का सिलसिला जारी रहा।
जानकारों के अनुसार 2009 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मानव शास्त्र विभाग के अध्यक्ष रहे प्रोफेसर सीएस सहाय की पुत्री इवा सहाय ने 2009 में तीसरी रैंक हासिल की थी और महिलाओं में टॉपर रहीं। इवा के बाद 2017 में सौम्या पांडेय ने चौथी रैंक के साथ सफलता हासिल की थी। सौम्या ने मोतीलाल नेहरू-राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से बीटेक किया था लेकिन मुख्य परीक्षा में भूगोल विषय में को चुना था और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के प्रोफेसर एसएस ओझा उनके मार्गदर्शक थे। 2017 में ही प्रयागराज के अभिलाष मिश्र को पांचवीं रैंक मिली थी। इसके अगले वर्ष यानी, सिविल सर्विसेज भर्ती परीक्षा-2018 में अनुभव सिंह ने आठवीं रैंक के साथ सफलता पाई थी।
