नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों पर हमले की बढ़ती घटनाओं को लेकर सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश मांगने वाली याचिकाओं की जांच करने से इन्कार कर दिया और कहा कि उससे हर गतिविधि की निगरानी करने की उम्मीद नहीं की जा सकती।.जस्टिस बेला एम त्रिवेदी व जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने शीर्ष कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित दिशा-निर्देश पहले ही तय किए जा चुके हैं और याचिकाकर्ता उचित आवेदन दायर करने के लिए स्वतंत्र हैं। जब याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने डॉक्टरों पर हमले की घटनाओं का जिक्र किया तो पीठ नेकहा, ये दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हैं पर सुप्रीम कोर्ट यहां बैठकर हर घटना की निगरानी नहीं कर सकता। पीठ 2022 में दायर तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें डॉक्टरों पर हमले के बढ़ते मामलों का आरोप है और सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश देने की मांग की गई थी।एक याचिका में राजस्थान के दौसा में स्त्री रोग विशेषज्ञ की आत्महत्या की सीबीआई जांच की मांग की गई थी। मरीज की मौत के बाद भीड़ के परेशान किए जाने के बाद स्त्री रोग विशेषज्ञ ने आत्महत्या कर ली थी।
