उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार सुबह आंधी-बारिश ने कहर ढाया। सैकड़ों पेड़ गिर गए, जगह-जगह खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति ठप रही और कई जगह घर ढह गए। वर्षा जनित हादसों में आठ लोगों की मौत हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में रात 2:30 बजे से सुबह 8:30 बजे के बीच 77 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो मई माह में 1901 के बाद 24 घंटे के दौरान दूसरी सर्वाधिक बारिश है। दिल्ली-एनसीआर में कई जगह जलभराव से यातायात प्रभावित रहा।
मौसम विभाग ने बताया कि 1901 में रिकॉर्ड रखना शुरू किए जाने के बाद से मई में एक दिन में सबसे ज्यादा 119.3 मिमी बारिश 20 मई, 2021 में हुई थी। इससे पहले 1976 में 24 मई को 24 घंटे में 60 मिमी बारिश हुई। मई में आमतौर पर औसतन 30 मिमी बारिश होती है। भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच शुक्रवार सुबह दिल्ली के नजफगढ़ में एक घर पर पेड़ गिरने से एक महिला और उसके तीन बच्चों की मौत हो गई। उधर, यूपी के फिरोजाबाद जिले में बिजली की चपेट में आने से दो मनरेगामजदूरों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, एटा के गांव भगवंतपुर में बिजली गिरने से एक लड़की की मौत हो गई। दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि बारिश और तेज हवाओं के कारण तीन उड़ानों का मार्ग बदला गया, जबकि कम से कम 500 उड़ानों में देरी हुई। सड़कों पर जलभराव की वजह से वाहनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। वहीं, हरियाणा और पंजाब में बारिश से कई जगहों पर पारा 11 डिग्री तक गिर गया। चंडीगढ़ में पारा 7 डिग्री नीचे आ गया। बठिंडा में एक इमारत गिर गई।
