अधिवक्ता लोकतंत्र की रीढ़ हैं। उन्हें सुरक्षित और मजबूत किए बिना लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता। ऐसे में सरकार को अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को मजबूती से लागू करना चाहिए। चेंबर व अन्य कल्याणकारी योजनाएं उन तक पहुंचा कर उन्हें मजबूत बनाना चाहिए। यें बातें बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित अधिवक्ता सम्मेलन में रविवार को शामिल अधिवक्ताओं ने कहीं। सम्मेलन के दूसरे दिन बस्ती बार संघ के पदाधिकारी प्रभाकर सिंह, अजय प्रताप सिंह, जवाहर लाल मिश्र, शेष नाथ पाठक व बार संघ बलिया के रणजीत सिंह, देवेंद्र कुमार दुबे, जिला अधिवक्ता संघ बांदा के अध्यक्ष डीपी द्वारिकेश सिंह यादव ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
कहा कि आए दिन अधिवक्ताओं पर हमले हो रहे हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर हमारी सरकारें गंभीर नहीं हैं। साथ ही न्यायिक अधिकारियों की रिक्तियों का भी मुद्दा उठाया। रिक्तियां पूर्ण न होने से मामले लंबित हो रहे हैं। इससे वादकारियों का न्यायालय पर विश्वास कम हो रहा है। इस ओर से सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। सम्मेलन में बार संघ बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, भदोही, के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बार कौंसिल के अध्यक्ष शिवकिशोर गौड़ ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। उपाध्यक्ष अनुराग पांडेय, अजय कुमार शुक्ल, योगेंद्र स्वरूप, रोहिताश्व कुमार अग्रवाल, हरिशंकर सिंह, इमरान माबूद खान, मधुसूदन त्रिपाठी, पांचू राम मौर्य, देवेंद्र मिश्र रहे
