नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दो-टूक कहा कि पाकिस्तान जब तक आतंकवाद को पोषित करना बंद नहीं करता, उसके साथ सिंधु जल संधि निलंबित रहेगी। इस पर पुनर्विचार का सवाल ही नहीं उठता। जयशंकर ने कहा, पाकिस्तान के साथ अब सिर्फ आंतंकवाद और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर ही बात होगी। विदेश मंत्री जयशंकर ने राजधानी में होंडुरास के दूतावास के उद्घाटन के मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की पेशकश पर साफ कहा, भारत और पाकिस्तान के बीच के संबंध, व्यवहार और मुद्दे द्विपक्षीय हैं। यह कई दशकों की राष्ट्रीय सहमति है। इसमें रत्तीभर भी बदलाव नहीं हुआ है। इसमें किसी तीसरे देश का दखल मंजूर नहीं होगा। ट्रंप के जीरो टैरिफ के प्रस्ताव के दावे पर जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार पर अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है, इसलिए कोई राय बनाना ठीक नहीं। ऐसा नहीं हो सकता कि व्यापार से एक देश को फायदा हो और दूसरे को नुकसान।जयशंकर ने कहा, पाकिस्तान कोसमझना होगा कि अब हालात बदल चुके हैं। उसे आतंक के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करना ही होगा। भारत ने पाकिस्तान को अपने यहां वांछित आतंकियों की सूची सौंप दी है। उसे चाहिए कि इन दहशतगर्दों को हमारे हवाले कर दे। पाकिस्तान बदले रवैया : जयशंकर ने कहा, पाकिस्तान को पता होना चाहिए कि भारत के साथ अब सिर्फ आतंकवाद पर ही बातचीत संभव है। अगर वह इस पर बात करना चाहता है, तो भारत इसके लिए तैयार है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हाल में स्पष्ट कर चुके हैं कि पाकिस्तान से भारत अब सिर्फ आतंकवाद पर ही बात करेगा।
