नई दिल्ली। भारत की पुख्ता घेरेबंदी आने वाले समय में पाकिस्तान को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसा सकती है। भारत के सिंधु जल संधि स्थगित करने के बाद अफगानिस्तान की ओर से भी पाकिस्तान को पानी का संकट झेलना पड़ सकता है। भारत ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की जीवन रेखा काबुल नदी पर लंबित लालंदर शहतूत बांध परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए वित्तीय मदद की पेशकश की है। वहीं, अफगानिस्तान ने कुनार नदी पर भी बांध बनाने की घोषणा की है। सिंधु घाटी से जुड़ी इन दोनों नदियों पर बांध बनने के बाद पाकिस्तान के एक बड़े हिस्से को पेयजल के लिए अफगानिस्तान के रहमोकरम पर रहना होगा। सूत्रों ने कहा कि बृहस्पतिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर की अफगान समकक्ष अमीर खान मुत्ताकी के साथ हुई वार्ता में शहतूत बांध परियोजना का विशेष जिक्र हुआ। भारत ने इस परियोजना को वित्तीय मदद फिर से शुरू करने का भरोसा दिया। सूत्रों ने कहा कि तालिबान सरकार को निकट भविष्य में मान्यता देने व भारत में दूतावास शुरू करने पर भी जल्द व सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया गया। वार्ता की पृष्ठभूमि पहलगाम हमले के बाद 29 अप्रैल को विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव व पाकिस्तान डेस्क के प्रभारी आनंद प्रकाश के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल के अफगानिस्तान दौरे में तैयार की गई। सूत्रों ने बताया, भारत पाकिस्तान से निष्कासित अफगान शरणार्थियों के लिए मानवीय सहायता पर भी विचार कर रहा है।
