नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जनगणना के साथ जाति गणना कराने की तिथियों की घोषणा कर दी है। जनगणना-2027 दो चरणों में होगी। पहले चरण में चार पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में एक अक्तूबर, 2026 से इसकी शुरुआत होगी। दूसरे चरण में एक मार्च, 2027 से देश के अन्य भागों में प्रक्रिया शुरू होगी। इसी 16 जून को जनगणना की अधिसूचना जारी होने की संभावना है। पूरी प्रक्रिया तीन साल में पूरी होने की उम्मीद है।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, जनगणना के दौरान आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़ों के साथ हर धर्म व वर्ग की जातियों का आंकड़ा भी एकत्र किया जाएगा। इससे पता चलेगा कि देश में किन जातियों की संख्या कितनी है। इससे पहले, अंतिम बार 1931 में जाति गणना हुई थी। हालांकि, तब सिर्फ हिंदू जातियों का आंकड़ा जुटाया गया था। सूत्रों का कहना है, इस बार धर्म परिवर्तन से जुड़े आंकड़े भी जुटाने की तैयारी है।अंतिम जनगणना 2011 में दो चरणों में कराई गई थी, जिसमें जनसंख्या करीब 121 करोड़ दर्ज की गई थी। पहले चरण में, एक अप्रैल से 30 सितंबर, 2010 तक मकान सूची कारण किया था और दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी, 2011 तक जनगणना कराई गई थी।
