प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पर बेमियादी धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने आयोग की अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय से वार्ता के बाद 14वें दिन मंगलवार को अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। इस बीच अभ्यर्थियों के संगठन में भी दो फाड़ हो गए।
दो दिन पहले डीएलएड प्रशिक्षित मोर्चा के उपाध्यक्ष ने आंदोलन से अपने हाथ खींच लिए। अभ्यर्थियों ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर 28 मई को आयोग पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। इस बीच तीन बार महा धरना आयोजित किया।
अभ्यर्थियों ने 13 जून को भी चौथा महा धरना घोषित किया था. लेकिन मंगलवार को प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद अभ्यर्थियों की आयोग अध्यक्ष प्रो.कीर्ति पांडेय ने वार्ता कराई गई। अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से कहा कि लिखित रूप से अपनी मांगों से अवगत करा दें, जो उचित होगा, वह किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आयोग की अगली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा। इसके बाद अभ्यर्थी धरनास्थल पर लौट आए और शाम को एडीएम, एसीपी एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में डीएलएड प्रशिक्षित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
वहीं, मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विशु यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि बीते छह जून को आयोग पर हुए महा धरने से उनका कोई संबंध नहीं। क्योंकि, धरने की आड़ में राजनीति और छात्रों से धन उगाही की जा रही है।
विशु ने अपनी पोस्ट में लिखा भोले-भाले छात्रों को धरने पर बैठाकर एक तथाकथिक छात्र नेता. कोचिंग वालों और छात्रों से पैसे लेकर अपनी जेब गर्म कर रहा है। इसलिए वह इस आंदोलन से खुद को अलग कर रहे हैं।
