प्रयागराज। भारत सरकार का शुक्रिया, वरना ईरान तो अनजान सा लगने लगा था। अपने वतन में वापसी हुई तो लगा कि जान में जान आ गई। प्रयागराज के दरियाबाद निवासी वजाहद हुसैन समेत उनके परिवार के सभी 17 सदस्य सोमवार को सुरक्षित प्रयागराज लौटे तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
सोमवार सुबह 85 यात्रियों का जत्था प्रयागराज पहुंचा। वजाहद ने बताया कि रविवार शाम साढ़े छह बजे महान एयरलाइंस का विमान 290 भारतीयों को लेकर ईरान के मशहद एयरपोर्ट से उड़ा और रात करीब 11 बजे दिल्ली पहुंचा। इनमें प्रयागराज के उन 85 यात्रियों का जत्था भी शामिल था, जो जियारत के लिए ईराक व ईरान की यात्रा पर गया था।
यह जत्था 19 मई को ईराक के लिए रवाना हुआ था। पहले सभी करबला गए और इसके बाद ईरान पहुंचे। 13 जून को वापसी थी, लेकिन जैसे ही होटल छोड़कर बससे एयरपोर्ट के लिए निकलने की तैयारी की जा रही थी, तभी पता चला कि इस्राइल ने हमला कर दिया है और उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इसके बाद सभी को कुम शहर रवाना कर दिया गया।
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भारत सरकार की पहल पर चार दिन पहले सभी को कुम से वापस – मशहद भेजा गया। बस से 16 घंटे की 1100 किमी लंबी यात्रा करने – के बाद सभी मशहद पहुंचे। यहां तीन रातें रुकने के बाद, रविवार को – दिल्ली पहुंचे और इसके बाद ट्रेन से प्रयागराज आए।
इनमें वजाहद के साथ उनके पिता इकरार हुसैन, मां मोहसिना बेगम, बहन तनजीम फातिमा, बहन की दो बेटियां आलिमा व आलिफा, बड़े भाई सैयद जैगम अब्बास, मामा शख्फत अली समेत परिवार के सभी 17 सदस्य शामिल रहे। पूरे परिवार ने भारत सरकार के प्रति आभार जताया।
वजाहद ने बताया कि मशहद में एक दिन तेज धमाके की आवाज भी सुनाई दी थी। रोज यही दुआ कर रहे थे कि किसी तरह सुरक्षित अपने वतन पहुंच जाएं। ईरान अब अनजान सा लगने लगा था। ईरान से विमान उड़ा तो सभी ने – राहत की सांस ली और वतन की – धरती पर कदम रखते ही जान में -जान आ गई।
