प्रयागराज। खुल्दाबाद चौराहे से मोहर्रम के पांचवें दिन मंगलवार रात्त अलम बरदारा ने हुसैन कमेटी की ओर से बुड्ढा ताजिया की मेहंदी उठाई गई। यह कदीमी रास्ते से होते हुए इमामबाड़े पर रखी गई।
मेहंदी के दौरान सड़क के दोनों तरफ अकीदतमंदों का हुजूम खचाखच भरा रहा। साथ ही या अली या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। महिलाओं और बच्चों ने अपनी छतों, बारजे और चबूतरे से मेहंदी का दीदार किया। इस दौरान लंगर भी होता रहा।
इससे पहले शाम को बुड्ढा ताजिया के अलम का जुलूस निकला, जो खुल्दाबाद, दौलत हुसैन और नखास कोहना से होकर निकाला गया। मेहंदी में अलम बरदाराने हुसैन कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद शमीम, सैय्यद तुफैल अब्बास, साजिद, शगुन चांद मियां, गुलाम नबी, फरहत खान सहित हजारों अकीदतमंद शामिल हुए।
मजनि हुसैन कुब आंर कर्बला की कुर्बानी को यादकर अजादारों की आंखें हुईं नम : प्रयागराज। चक जीरो रोड स्थित इमामबाड़े में भी मोहर्रम की मजलिस हुई, जिसमें हजरत इमाम हुसैन और उनके जानिसारों की कुर्बानी को यादकर अज़ादारों की आंखें नम हो गई।
मौके पर मौलाना सैय्यद रजी हैदर रिजवी ने कर्बला में हजरत अली अकबर की कुर्बानी’ बयां की। इस दौरान बख्शी बाजारके नौहाख्वान नेयाजुल हसन, जिब्रान रिज़वी, आबिद हुसैन, नाजिर हुसैन ने नौहाख्वानी से कर्बला की कुर्बानी का दर्द बयां किया।
