वाशिंगटन/नई दिल्ली। पहलगाम में आतंकी हमला करने वाले संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को अमेरिका ने विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद के लश्कर-ए-ताइबा के इस मुखौटा संगठन के खिलाफ उठाए गए कदम को भारत ने समयानुकूल और महत्वपूर्ण करार दिया है। साथ ही, कहा कि यह आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के गहरे सहयोग को दर्शाता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बृहस्पतिवार देर रात टीआरएफ के खिलाफ इस दंडात्मक कदम की घोषणा की। रुबियो ने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग, टीआरएफ का नाम विदेशी आतंकी संगठन (एफटीओ) व विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) के रूप में शामिल कररहा है। लश्कर के मुखौटा व छद्म संगठन टीआरएफ ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। यह 2008 में लश्कर के मुंबई पर किए हमले के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे घातक हमला था। टीआरएफ ने भारतीय सुरक्षा बलों पर कई हमलों की जिम्मेदारी भी ली है, जिनमें सबसे2024 का हमला भी शामिल है। रुबियो ने कहा, विदेश विभाग की कार्रवाई हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा, आतंकवाद का मुकाबला करने और पहलगाम हमले के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के न्याय के संकल्प को लागू करने के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाती है। अमेरिका के फैसले का स्वागत करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक सहयोग की जरूरत पर हमेशा जोर देता रहा है। हम आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाते हैं और आतंकी संगठनों को जवाबदेह ठहराने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करते रहेंगे।
