अंतिम शव तीर्थ यात्रा के बाद बुधवार को तीन बजे महन्त नरेंद्र गिरि भू समाधि में ब्रह्मलीन हो गए। भू समाधि के चारों तरह संत खड़े होकर 16 मंत्रों का उच्चारण किया। इसके बाद उन्हें बैठने के आसन मुद्रा में समाधि दी गई। इस दौरान निराजनीं अखाड़े के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महन्त शामिल थे। आखिल भारतीय अखाड़ा परिसद के राष्ट्रीय महासचिव हिरि गिरि ने कहा कि 16 दिनों तक अखाड़ा परिषद इस मामले में गुप्त जांच करेगा। जो भी दोषी होगा उसके ऊपर कार्रवाई होगी।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिसद करेगी 16 दिनों तक जांच
अखिल भारतीय अखाड़ा परिसद के राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि महन्त नरेंद्र गिरि के मौत के विषय में अखाड़ा परिसद 16 दिनों तक गुप्त जांच करेगी। इस जांच में जो कोई भी दोषी मिलेगा उसके ऊपर कार्रवाई करते हुए अखाड़ा परिषद अधिकारी निर्णय लेंगे। यह जांच अखाड़ा परिसद के टीम द्वारा की जाएगी। पुलिस प्रशासन के जांच के अलावा पूरे प्रकरण में अखाड़ा परिषद गहराई से जांच करेगी।
सोर्शी भंडारा का होगा भव्य आयोजन
राष्ट्रीय महासचिव ने बतया कि भू समाधि के बाद तीन दिन बाद अखाड़े में चूल्हा जलेगा और कच्चा भंडारा का आयोजन होगा। इसके बाद भव्य रूप से सोर्शि भंडारा का आयोजन होगा। अखाड़ा परिसद ने यह आवाहन किया है कि देश 13 अखाड़ों के संत और महात्मा 13 दिनों तक शोक में रहेंगे।
नम आंखों से संतों दी विदाई
महन्त नरेंद्र गिरि के भू समाधि के परंपरा में नम आंखों से संतों अंतिम विदाई दी। हर कोई ॐ नामों नारायण का जयकारा लगाकर अंतिम श्रधंजलि अर्पित किया। महन्त नरेंद्र गिरि अमर रहे का भी जयकारा श्रद्धालुओं ने भी लगाया।
एक साल बाद बनेगी पक्की समाधि
महन्त नरेंद्र गिरि की समाधि का एक वर्ष पूर्ण हो जाने के बाद पक्की समाधि बनाया जाएगा। इसके बाद समाधि के ऊपर भगवान शिव की मूर्ति स्थापित की जाएगी। एक साल तक भू में तपस्या करने के बाद महन्त की शरीर भगवान शिव को समर्पित हो जाती है इसीलिए श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए उसी समाधि के ऊपर शिव मंदिर स्थापित किया जाता है।
खबर नीतेश सोनी
