प्रयागराज। मऊ के सदर विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका घोषित करते हुए खारिज कर दी है और मामले में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है। न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने यह आदेश दिया।
मामला 1 को अब्बास अंसारी ने आरोप लगाया था कि हेंट स्पीच की सीडी को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने हेट स्पीच मामले में मऊ के एमपी-एमएलए कोर्ट में पुलिस की ओर से पेश की गई हेट स्पीच से संबंधित ऑडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट और सीडी को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में विलंबित चरण में दाखिल सीडी व फॉरेंसिक रिपोर्ट पर विचार न करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।बुधवार को शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि संबंधित मामले में ट्रायल पूरा हो चुका है और संबंधित कोर्ट ने 31 मई 2025 को आदेश पारित कर दिया है।
वहीं, याची अधिवक्ता ने दलील दी कि निर्णय आने के बाद भी आवेदन में उठाए गए आधार अभी भी विचाराधीन हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि वर्तमान मामले का ट्रायल पूरा हो चुका है और निर्णय भी सुनाया जा चुका है। इसके बाद कोर्ट ने याचिका को निष्फल करार देते हुए खारिज कर दी।
विधानसभा चुनाव-2022 के दौरान अधिकारियों को धमकी देने का मामला : विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान चार मार्च 2022 को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रत्याशी अब्बास अंसारी, उनके भाई उमर अंसारी और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ हेट स्पीच देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।
