प्रयागराज। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने अलकनंदा अपार्टमेंट के आवंटियों को बड़ी राहत दी है। रेरा ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) को निर्देश दिया है कि वह सभी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए 45 दिनों के भीतर आवंटियों को सभी सुविधाओं के साथ फ्लैट का कब्जा प्रदान करे।
इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण को लगभग आठ साल के विलंब केलिए एसबीआई की दर से (लगभग 10 प्रतिशत ब्याज) मुआवजा भी अदा करने का आदेश दिया गया है।
यह महत्वपूर्ण आदेश रेरा के अध्यक्ष संजय आर. भूसरेड्डी ने पॉल्सन सैमुएल और तीन अन्य आवंटियों की याचिका पर उनके अधिवक्ता चार्ली प्रकाश की दलीलें सुनने के बाद पारित किया। याचिकाकर्ताओं को 10 दिसंबर
2014 को अलकनंदा अपार्टमेंट में फ्लैट आवंटित किए गए थे। समझौते के अनुसार, फ्लैट का कब्जा 10 जनवरी 2016 तक दिया जाना प्रस्तावित था।
पीडीए ने इस परियोजना में लगातार देरी की। देरी के पीछे पीडीए ने दलदली भूमि, स्ट्रक्चर डिजाइन में परिवर्तन, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) निर्माण, कुंभ मेला, भू-खनन प्रतिबंध और कोरोना महामारी जैसे विभिन्न कारण बताए।
रेरा ने पीडीए के A इन स्पष्टीकरणों को संतोषजनक नहीं पाया। प्राधिकरण ने पाया कि पीडीए की ओर से बताए गए कारण कब्जा देने में हुई अत्यधिक देरी को उचित नहीं ठहराते हैं।
इसी के मद्देनजर, रेरा ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर कब्जा देने और अत्यधिक विलंब के लिए आवंटियों को उचित मुआवजा अदा करने का आदेश जारी किया है।
