नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नेरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया के सामने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति स्पष्ट कर दी है। इसने यह भी बताया दिया कि केंद्र की राजग सरकार राष्ट्रीय हित में जो भी उचित कदम होगा, वह उठाएगी। प्रधानमंत्री मोदी भारत के दो महानतम आध्यात्मिक और नैतिक महापुरुष नारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच ऐतिहासिक वार्तालाप के शताब्दी समारोह का शुभारंभ करने के बाद बोल रहे थे।
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत में निर्मित हथियारों ने पाकिस्तान से सैन्य संघर्ष के दौरान अपना प्रभाव दिखाया। हमने दिखाया है कि भारतीयों का खून बहाने वाले आतंकवादियों के लिए कोई भी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। हमारी सरकार ने उस पूजनीय आध्यात्मिक व्यक्ति के आदर्शों पर काम किया है जो एक ऐसा मजबूत भारत चाहते थे जो किसी भी भेदभाव से मुक्त हो। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में भारत को सामाजिक, आर्थिक और रक्षा क्षेत्रों में मजबूत बनाने के लिए काम किया है। अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत की विदेशी देशों पर निर्भरता कम हो रही है और यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। नारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच ऐतिहासिक बातचीत 12 मार्च 1925 को शिवगिरी मठ में हुई थी।
