नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि संघर्ष विराम किसी दबाव या मध्यस्थता की वजह से नहीं किया गया। पाकिस्तानी डीजीएमओ की पहल पर इस पर सहमति बनी। साथ ही दोहराया कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने साबित कर दिया कि देश किसी परमाणु धमकी से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद पूरी दुनिया साथ खड़ी नजर आई।
जयशंकर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर शुरू करते वक्त हमारे उद्देश्य स्पष्ट थे-पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचों को निशाना बनाया जाएगा। हमारी कार्रवाई लक्षित, नपी-तुली और गैर-उकसावे वाली थी। हम इस प्रतिबद्धता पर खरे उतरे कि उन हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा। विदेश मंत्री ने कहा, हमने दुनिया को पाकिस्तान का असली चेहरा दिखाया। हमने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपनी बात रखी। पाकिस्तान को टीआरएफ ने बचाया। हमारी विदेश नीति के कारण ही अमेरिका ने टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित किया।
जयशंकर ने कहा कि 9 मई को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी को फोन किया और बताया कि पाकिस्तान हमला करने वाला है। पीएम मोदी ने साफ कहा था कि अगर पाकिस्तान ने हमला किया तो भारत चुप नहीं बैठेगा। ऐसा ही हुआ।
