संगम तट पर मेले का दूसरा स्नान पर्व मकर संक्रांति 15 जनवरी को है। श्रद्धालुओं को कम से कम पैदल चलना पड़े, इसके लिए घाटों के समीप ही पार्किंग की व्यवस्था की गई है। मंगलवार की शाम तक मेला क्षेत्र की पार्किंग फुल हो गई। उधर, मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि प्रशासन ने करीब 25 लाख श्रद्धालुओं की मौजूदगी का आकलन किया है। स्नान पर्व पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का मेला प्रशासन का अनुमान है।
पिछले माघ मेले में इस स्नान पर्व पर 28.95 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस बार पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। अब मकर संक्रांति के लिए स्नान घाटों पर विशेष व्यवस्था की गई है। मेला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन का मेगा प्लान तैयार किया है। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज का कहना है कि भीड़ प्रबंधन एवं सुगम यातायात के लिए इस बार 42 अस्थायी पार्किंग बनाई गई हैं जिसमें लगभग एक लाख से अधिक वाहन खड़े हो सकेंगे।
माघ मेला 2025-26 में कुल 12,100 फीट लंबाई में घाटों का निर्माण किया गया है जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे चेंजिंग रूम, पुआल, शौचालय आदि उपलब्ध हैं। गंगा में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कानपुर के गंगा बैराज से प्रतिदिन 8000 क्यूसेक जल छोड़ा जा रहा है। प्रयागराज में दोनों नदियों में गिरने वाले सभी 81 नालों को टैप किया जा चुका है। गंगा जल की निरंतर मॉनिटरिंग हो रही है।
