इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंगा प्रदूषण के एक मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से कहा है कि माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के स्नान के लिए रोजाना 3700 क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए कहा है।मामले की सुनवाई मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, न्यायमूर्ति मनोज गुप्ता और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की तीन जजों की खंडपीठ कर रही है।
इसके साथ ही विश्वनाथ कॉरिडोर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से गंगा में बहाए गए मलबे के मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। साथ ही गंगा की सफाई के लिए लगाए गए एसटीपी के बकाए बिलों के संबंध में भी राज्य सरकार से जानकारी मांगी है।
खबर नीतेश सोनी
