बीजिंग। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) परिषद की बैठक में जम्मू-कश्मीर के आतंकवादी हमले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वालों (आयोजकों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों) को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के कठघरे में लाने की जरूरत है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सदस्य देशों को समूह के उद्देश्यों के प्रति ईमानदार और आतंकवाद पर अडिग रुख बनाए रखने की जरूरत है।
जयशंकर जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद अपनी पहली चीन यात्रा पर हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे। यह हमला जानबूझकर जम्मू-कश्मीर की पर्यटन अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए किया गया था। इससे धार्मिक विभाजन को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने एससीओ विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में कहा कि एससीओ की स्थापना तीन बुराइयों (आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद) से लड़ने के लिए की गई थी, जो आश्चर्यजनक रूप से अक्सर एक साथ घटित हो रही हैं
