लंदन। लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय टीम 22 रन से लड़कर जरूर हारी, लेकिन इस हार ने टीम की नंबर तीन स्थान की कमजोरी को सामने ला दिया है। घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बाद इस सीरीज के जरिये आठ साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी कर रहे करुण नायर अब तक नंबर-तीन के स्थान की भूमिका से न्याय नहीं कर पाए हैं।
करुण ने सीरीज में अब तक 3 टेस्ट खेले हैं, लेकिन उन्होंने एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है। पिछले दो टेस्ट मैचों में वह नंबर तीन के क्रम पर खेले, जिसमें उन्होंने 31, 26, 40 और 14 रन की पारियां खेली हैं। करुण को छोड़कर नंबर एक से नंबर पांच के क्रम तक हर भारतीय बल्लेबाज इस सीरीज में शतक लगा चुका है।
करुण ने सीरीज में 6 पारियों में 131 रन बनाए हैं। उनकी इस स्थान पर विफलता के बाद 23 जुलाई से ओल्ड ट्रेफर्ड में शुरू हो रहे चौथे टेस्ट के लिए बाएं हाथ के बल्लेबाज साई सुदर्शन का दावा मजबूत हो गया है। वहीं, लॉर्ड्स टेस्ट में ओपनिंग में यशस्वी जायसवाल का विफल होना भी भारतीय टीम की हार का कारण रहा। दूसरी पारी में आर्चर पर लगाया गया जोखिम भरा शॉट गैरजरूरी था। वह पहली पारी में भी आर्चर के पहले ओवर में आउट हुए थे। दूसरी पारी में आर्चर के पहले ही ओवर में उन्होंने इस तरह का शॉट खेला
