वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपने ही खुफिया मंत्रालय की ईरानी परमाणु केंद्रों पर हमलों में कुछ माह की ही क्षति होने की रिपोर्ट खारिज करने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने भी कहा है कि ईरान पर अमेरिकी हमले उसका एटमी कार्यक्रम रोकने में कमतर रहे हैं। आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा, तेहरान कुछ ही महीनों में यूरेनियम संवर्धन फिर से शुरू कर सकता है। यानी ईरानी नेता जानबूझकर पीड़ित बताते हुए दुनिया को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
यह बयान ट्रंप के उन दावों का खंडन करता है कि हमने ईरानी महत्वाकांक्षाओं को कई दशक पीछे धकेल दिया है। ग्रॉसी की टिप्पणियां पेंटागन की रक्षा खुफिया एजेंसी के शुरुआती आकलन का समर्थन करती प्रतीत होती हैं, जो बताती है कि पिछले सप्ताह प्रमुख ईरानी परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमलों ने उसके परमाणु कार्यक्रम के मुख्य घटकों को नष्ट नहीं किया है। आईएईए की रिपोर्ट बताती है कि ईरान के नेता एटमी केंद्रों के क्षतिग्रस्त होने की बातें कहकर दुनिया को गुमराह करते हुए अंतर खाने एटमी प्रोग्राम शुरू करने की योजना बना रहे हैं। ऐसे में निश्चिंत होकर बैठना चुनौतीपूर्ण होगा। ईरान ने जोर देकर एक बार फिर से दोहराया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। ग्रॉसी ने कहा, ईरान चुप होकर कतई बैठने वाला नहीं है।
