ब्रज क्षेत्र के चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की जब भी बात होती है, उसमें के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। इसकी वजह यहां के सुयोग्य और अनुभवी डॉक्टर्स, नर्सेज तथा कर्मचारियों की समर्पित टीम है जो सर्वोत्तम नैदानिक परिणाम और रोगी संतुष्टि प्रदान करने के लिए जानी जाती है।
चिकित्सा का सम्बन्ध मनुष्य की भावनाओं, उसके प्राणों तथा सारे जीवन के साथ जुड़ा होता है। चिकित्सकीय पेशा पवित्र मानवीय संवेदनाओं से युक्त, प्राण-दान और जीवन-रक्षा की दृष्टि से ईश्वर के बाद दूसरा परन्तु कभी-कभी तो ईश्वर के समान ही माना जाता है।
ईश्वर द्वारा तो मनुष्य को केवल जन्म दिया जाता है जबकि एक चिकित्सक के कन्धों पर उसके सारे जीवन की रक्षा का भार होता है। ब्रज की आवाम को चिकित्सा के लिए दर-दर न भटकना पड़े इसी उद्देश्य को लेकर जाने-माने शिक्षाविद और समाजसेवी आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल द्वारा अपनी धर्म-परायण मां कांती देवी के नाम पर वर्ष 2014 में के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के रूप में एक चिकित्सा-शिक्षा संस्थान का शुभारम्भ किया गया। सेवाभाव को समर्पित इस चिकित्सा संस्थान में हर वह सुविधा है, जोकि सिर्फ बड़े बड़े महानगरों में संचालित चिकित्सालयों में ही उपलब्ध है। एक दशक में ही इस चिकित्सा-शिक्षा संस्थान ने समूचे उत्तर भारत में अपनी विशिष्ट पहचान बना ली है। चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाभाव सर्वोपरि है। यद्यपि समय के अनुसार चिकित्सा के क्षेत्र में काफी बदलाव आए हैं लेकिन के.डी. हॉस्पिटल प्रबंधन की हर पल कोशिश रहती है कि ब्रज और उसके आसपास के लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें ताकि उन्हें चिकित्सा के अभाव में महानगरों की तरफ न भागना पड़े। पिछले 11 वर्षों में के.डी. हॉस्पिटल द्वारा मथुरा के सैकड़ों गांवों में निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के माध्यम से जहां हजारों लोगों को घर बैठे स्वास्थ्य लाभप्रदान किया गया वहीं कोरोना संक्रमण के दौर में जब समूची दुनिया में त्राहि-त्राहि मची हुई थी, उस दौर में भी इस चिकित्सा-शिक्षा संस्थान ने लोगों की जीवन रक्षा का महती दायित्त्व निर्वहन करने में कोई कोताही नहीं बरती।
