शवों को मुक्ति देने पहुंची महापौर
अभिलाषा गुप्ता नंदी ने फाफामऊ घाट पर मिले शव पर ओढ़ाई रामनवमी, चिता जला कर दी मुखाग्नि
प्रयागराज के फाफामऊ घाट पर रेत में दफनाया गए शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। गंगा में हो रही कटान इन शवों को रेत से बाहर निकाल दे रही है ।अभी तक 24 शव मिल चुके हैं ।जिनका दाह संस्कार नगर निगम के अफसरों ने किया है। गुरुवार को एक और शव मिला तो महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी खुद फाफामऊ घाट पर पहुंची ।शव पुरुष का था महापौर ने ही इस अभागे को मुखाग्नि देकर मुक्त दी। इस तरह दफनाए गए शवों की संख्या 25 हो चुकी है ।
कोरोना संक्रमण काल में बड़ी संख्या में शव दफनाए गए थे ।गंगा में कटान बढ़ी तो धीरे-धीरे शव रेत से बाहर दिखने लगे गुरुवार को भी फाफामऊ घाट पर दफनाया गया एक शव का कुछ हिस्सा रेत में दबा था। जानकारी मिलने के बाद जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए ।उन्होंने महापौर और नगर आयुक्त को भी इसकी सूचना दी। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी फाफामऊ घाट पहुंची ।
उन्होंने चिता को रामनामी ओढ़ाई ।इसके बाद हिंदू रीति रिवाज के साथ सभी कर्मकांड संपन्न कराते हुए मुखाग्नि दी ।महापौर ने घाट पर तैनात कर्मियों से स्थिति की जानकारी ली और श्मशान घाट की दशा देखी ।उन्होंने वहां निगरानी बढ़ाने के भी निर्देश दिए जोनल अधिकारी ने बताया कि घाट पर 24 घंटे कड़ी नजर रखी जा रही है ।रेत से शव निकालने के बाद उनका परंपरागत तरीके से अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। कटान से रेत में दफन शवों के अंगों के दिखने के बाद घाट और आसपास के इलाकों में लोग सकते में है। बारिश होने से कटान शुरू होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने फाफामऊ घाट पर निगरानी बढ़ा दी है ।
यह भी कहा जा रहा है कि जिस तरह से कटान हो रही है उससे जल्द ही रेत में दबे और भी शव बाहर आ सकते हैं ऐसे में घाटों पर नगर निगम की ओर से कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं ।ताकि किसी भी समय शव दिखने पर जानकारी मिल सके। जलस्तर बढ़ने से ही नगर निगम की ओर से गठित निगरानी समिति के सदस्यों को भी घाटों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
Samiksha
