कोलकाता। विधि छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की जांच कर रही एसआईटी ने दावा किया कि दरिंदगी की वारदात की साजिश पहले से रची गई थी। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी मोनो जीत मिश्रा, प्रोमित मुखर्जी व जैद अहमद की काफी वक्त से पीड़िता पर नजर थी।
एसआईटी के अधिकारियों ने अब तक की जांच में यह भी पाया कि तीनों आरोपियों का कॉलेज की छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का इतिहास रहा है। चौथा आरोपी कॉलेज का सुरक्षा गार्ड है। अधिकारी के अनुसार, तीनों इस तरह की घटनाओं को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड करते थे और बाद में फुटेज का इस्तेमाल पीड़िताओं को ब्लैकमेल करने के लिए करते थे। पुलिस जांच के सिलसिले में उन सभी लोगों से पूछताछ करेगी जो वारदात वाले दिन कॉलेज गए थे। दरअसल यह पता लगाना है कि उन लोगों ने उस शाम क्या देखा। एसआईटी ने 25 से अधिक लोगों की सूची तैयार की है, जिनमें अधिकतर साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज के छात्र हैं और वारदात वाली शाम को शैक्षणिक संस्थान में मौजूद थे।
