कानपुर/लखनऊ। यूपी पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के लिए जासूसी कर रहे कानपुर आयुध फैक्टरी के अधिकारी कुमार विकास को मंगलवार रात बिठूर के नारामऊ न्यू हाईवे सिटी अपार्टमेंट से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूलरूप से कानपुर देहात के शाहजहांपुर सट्टी गांव का रहने वाला है। विकास वर्तमान में तोप के गोलों के विभाग का उत्पादन प्रभारी भी है।
विकास इसी साल जनवरी में आईएसआई एजेंट के संपर्क में आया और उसे फैक्टरी की गोपनीय एवं संवेदनशील सूचनाएं पहुंचा रहा था। एटीएस उसे गिरफ्तार कर लखनऊ लाई है, जहां एफआईआर दर्ज कर उससे पूछताछ की जा रही है।
एटीएस को सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तानी एजेंसी के हैंडलर विदेश मंत्रालय और भारत सरकार के कर्मचारियों अधिकारियों को फंसा रहे हैं। गोपनीयसूचनाएं व दस्तावेज हासिल करने के लिए हनी टैप अथवा पैसों का लालच दिया जा रहा है। एटीएस ने सर्विलांस के जरिये जांच शुरू की तो सबसे पहले आगरा के बंद कटना निवासी रविंद्र का नाम आया। वह फिरोजाबाद के हजरतपुर आयुध फैक्टरी में चार्जमैन के पद पर तैनात था। उसके फोन से पाकिस्तानी एजेंट को भेजे गए संवेदनशील गोपनीय दस्तावेज मिले।
रविंद्र को गिरफ्तार करने के बाद जांच आगे बढ़ी तो नेहा शर्मा नाम का इस्तेमाल कर आईएसआई एजेंट के कानपुर आयुध फैक्टरी के जूनियर वर्क्स मैनेजर कुमार विकास से संपर्क में होने की जानकारी सामने आई। पता चला कि विकास जनवरी 2025 में फेसबुक के जरिये नेहा नाम की एजेंट के जरिये संपर्क में आया था। फिर उसके कहने पर फैक्टरी के गोपनीय दस्तावेज, उपकरणों व निर्मित होने वाले गोला बारूद, कर्मचारियों की अटेंडेंस शीट, मशीनें व प्रोडक्शन संबंधित चार्ट की फोटो तथा गोपनीय सूचनाएं एजेंट को भेजने लगा।
जानकारी होने पर एटीएस की टीम ने मंगलवार को उसे कानपुर से गिरफ्तार कर लिया। विकास की पत्नी रीना ने पति के निर्दोष होने और फंसाए जाने की बात कही है।
