इलाहाबाद हाईकोर्ट ने को 10 मार्च को तलब किया है। अवैध घोषित करने पर अधिकारियों शमशेरी की एकल पीठ ने पूछा है कि 32 साल सेवा के बाद कर्मचारी की नियुक्ति को किन हालात में अवैध घोषित किया गया है।
याची मदन मोहन गौतम की सेठ हरचरन दास गर्ल्स इंटर कॉलेज गई थी। 31 जुलाई 2025 को वह हाथरस में लिपिक के पद नियुक्ति की सेवानिवृत्त हुए थे। 28 अक्तूबर 2025 को नियक्ति अवैध घोषित कर दी गई तो उन्होंने आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। अधिवक्ता युवराज गौतम व वरुण सिंह ने दलील दी कि कोई आरोप लगाया गया याची 32 साल तक सेवा में रहा। इस दौरान उसके खिलाफ न और न ही जांच शुरू की गई। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद जारी आदेश अवैध है जिसे रदद किया जाए ।
साथ ही याची को सभी सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान किया डीआईओएस, मंडलीय उप शिक्षा जाना चाहिए। कोर्ट ने हाथरस के निदेशक (माध्यमिक) अलीगढ व संयुक्त शिक्षा निदेश (माध्यमिक) अलीगढ मंडल को 10 मार्च सुबह 11:30 बजे तलब किया है।
