नई दिल्ली। मानसून सत्र का पहला दिन पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की विपक्ष की मांग को लेकर हंगामे की भेंट चढ़ गया। दोनों सदनों में विपक्ष ने पीएम नरेंद्र मोदी से बयान देने की मांग की। साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संघर्ष विराम के दावे पर भी चर्चा की मांग की। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही चार बार स्थगित हुई और फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को सदन में आकर पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर पर बयान देना चाहिए। सरकार से चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सदस्य खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा को तैबार है। रिजिजू ने अपील की कि वे अपनी मांगें कार्य मंत्रणा समिति बीएसी) की बैठक के दौरान रखें। हालांकि, विपक्षी सदस्यों का हंगामा नहीं थमा और नारेबाजी करते रहे। हंगामे के कारण कार्यवाही पहले 12 बजे, फिर 2 और 4 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में ‘कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले पर पीएम मोदी को माफी मांगनी चाहिए। बनर्जी ने कहा कि हमला उनकी अक्षमता और लापरवाही के कारण हुआ।
