नई दिल्ली। शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) अच्छी नहीं रही। अभी तक जितनी भी कंपनियों के वित्तीय परिणाम आए हैं, उनमें से ज्यादातर की कमाई करीब ढाई साल यानी 9 तिमाहियों के निचले स्तर पर आ गई है। रिलायंस और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज कॉरपोरेट की भी आय और मुनाफा बहुत अच्छा नहीं रहा है।
अभी तक आए नतीजों से पता चलता है कि बैंकिंग, वित्त, एफएमसीजी और सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों का प्रदर्शन सबसे ज्यादा निराशाजनक रहा है। जून तिमाही के नतीजों की घोषणा करने वाली 186 कंपनियों का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर बढ़कर पांच तिमाहियों के उच्च स्तर 18.5 फीसदी पर पहुंच गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुनाफे में यह भारी बढ़त इसलिए दिखी, क्योंकि कंपनी ने एशियन पेंट्स में 8,924 करोड़ रुपये में हिस्सा बेचा था। साथ ही, उसकी अन्य आय 15,119करोड़ रुपये रही। अगर अन्य आय को मुनाफे से हटा दें तो बढ़त बहुत मामूली होगी। राजस्व केवल 4.6 फीसदी बढ़ा, जो नौ तिमाहियों में सबसे कम है। इस वजह से सोमवार को कंपनी के शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली। शुद्ध ब्याज मार्जिन – पर दबाव एवं कम ऋण उठाव के बीच बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों ने कमजोर आंकड़े दर्ज किए हैं। हालांकि पूंजीगत वस्तुओं और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों के लिए शुरुआती उम्मीदें ऊंची थीं, लेकिन अब तक के मौजूदा रुझान कंपनियों के कमजोर आय की ओर इशारा कर रहे हैं।
