यरूशलम/वाशिंगटन/नई दिल्ली। ईरान पर इस्राइल के व्यापक हमले को परोक्ष समर्थन जताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए खुद ईरान को ही जिम्मेदार ठहराया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए वार्ता में अमेरिकी चेतावनी का विरोध करने का खामियाजा भुगता है।
इस्राइल की कार्रवाई को बहुत बढ़िया करार देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमने ईरान के नेताओं को बहुत समझाया लेकिन वे नहीं माने। ईरान पर इस्राइल के हमले के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टूथ पर लिखा, मुझे लगता है कि यह बहुत बढ़िया रहा। हमने उन्हें एक मौका दिया और उन्होंने इसका फायदा नहीं उठाया। उन्हें भी उतनी ही मार पड़ी जितनी आपको पड़ने वाली है। और अभी और भी बहुत कुछ आना बाकी है। और भी बहुत कुछ।
उन्होंने आगे लिखा, दो महीने पहले मैंने ईरान को समझौता करने के लिए 60 दिन का अल्टीमेटम दिया था। उन्हें ऐसा करना चाहिए था! आज 61वां दिन है। अब उनके पास शायद दूसरा मौका है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले ही बहुत मौतें और विनाश हो चुका है, लेकिन इस नरसंहार को समाप्त करने के लिए अभी भी समय है, साथ ही पहले से ही योजना बद्ध अगले हमले और भी अधिक क्रूर होंगे। उधर हमलों के बाद तेहरान की सड़कों पर लोगों ने इस्राइल-अमेरिका के खिलाफ विशाल रैली निकाली।
