प्रयागराज। होली के सब रंग रविवार को ठठेरी बाजार में घुले। 15 फीट की सबसे लंबी पुरानी पिचकारी से जहां रंगों की बौछार हुई, वहीं नगर निगम के टैंकर में रंगों की बोरियां घोली जाती रहीं। होली खेलें रघुवीरा… रंग बरसे भीगे चुनर वाली… नाकाबंदी … जैसे गीतों पर शहर के संस्कृति प्रेमी युवा-किशोर और बुजुर्ग सभी एक रंग में रंगकर नाचते रहे।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की ओर से ठठेरी बाजार की होली को ‘ यादगार बनाने के लिए हर जतन किए * गए। संगमनगरी में तीसरे दिन रविवार को ‘ठठेरी बाजार की होली के रंग चहुंदिश छाए रहे। ठठेरी बाजार की होली में जमकर रंग-गुलाल उड़ाया गया। रात से ही तैयारियां शुरू हो गई थीं। फव्वारे बांधने के साथ ही नगर निगम के टैंकरों को मंगाकर रंगों की बोरियां घोली जाने लगी थीं। सुबह 10 बजे ठठेरी बाजार व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशांत केसरवानी की अगुवाई में नरसिंह भगवान का पूजन-अर्चन कर होली की शुरुआत की गई।
पूजन के साथ ही होलियारे रंगों की बौछार में भीग कर झूमने-थिरकने लगे। छतों और बारजों से हर तरफ रंगों और पानी की बौछार होने लगी। ढोल-नगाड़े और डीजे की धुन पर झूमते बच्चे, युवा और व्यापारी रंगोत्सव में डूबे रहें। यहां होली का सबसे बड़ा आकर्षण 15 फीट की पीतल की पिचकारी रही, जिसे देखने के लिए हर कोई उत्सुक रहा। पानी के कई बड़े-बड़े टैकरों से रंगों की बौछार की जाती रही। छतों से होलियारों के ऊपर रंग और अबीर-गुलाल उड़ाया जाता रहा।
डीजे पर बजते नाकाबंदी, होली खेले रघुवीरा व बलम पिचकारी… जैसे गीतों पर युवा थिरकते हुए दिखाई दिए। दोपहर एक बजे तक पूरे बाजार में होलियारे धमाल मचाते रहे। कोतवाली के सामने खड़े लोग होलियारों का वीडियो भी बनाते दिखे। हर कोई एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की बधाई देता रहा। व्यापार मंडल के रोहित कसेरा, चंद्र मोहन, सौरभ गुप्त, प्रशांत पांडेय, संजय रस्तोगी व कुणाल केसरवानी समेत अन्य पदाधिकारियों ने व्यवस्था संभाली।
