लखनऊ। जीएसटी की नई व्यवस्था में पान मसाला व तंबाकू पर टैक्स 28 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी किया गया है। साथ ही 60 फीसदी सेस खत्म हो गया है। यानी कुल टैक्स 88% की बजाय 40 फीसदी रह गया है, लेकिन ऐसा नही हैं।पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी की गणना का नियम बदल गया है। इस वजह से इन उत्पादों पर टैक्स की वास्तविक दरें लगभग 75 फीसदी होंगी। यानी तंबाकू और पान मसाले पर टैक्स का बोझ लगभग 13 फीसदी कम होगा।राज्यकर विभाग के संवेदनशील उत्पादकों की सूची में तंबाकू और पान मसाला टॉप पर हैं। लेकिन टैक्स चोरी के आरोपों से घिरे 70हजार करोड़ रूपये के इस सेक्टर को आजतक उद्योग का दर्जा नहीं दिया गया।वर्तमान में एक रूपये के पान मसाला की बिलिंग अगर 60पैसे में होती है तो 28%जीएसटी 60पैसे पर लगता हैं। नई व्यवस्था प्रभावी होने केबाद टैक्स इनवायस वैल्यू के बजाय रिटेल सेल्स प्राइस पर लगेगा। यानी जिस रेट पर दुकानदार उत्पाद बेच रहा है। उस मूल्य पर टैक्स की गणना की जाएगी। यही वजह है कि पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर 75%के आसपास टैक्स आयेगा। धर्मेंद्र श्रीवास्तव, वाइस चेयर मैंन, आल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स
