कटड़ा के धार्मिक पर्यटन और आर्थिक विकास के इतिहास में बुधवार का दिन एक नए स्वर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। 60 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद 31.51 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले श्री शंकराचार्य मंदिर की उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आधारशिला रखी।
सिन्हा ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा बनाया जा रहा मंदिर न केवल भारत की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला एक मजबूत स्तंभ भी सिद्ध होगा। इस मंदिर की परिकल्पना अवधारणा 1967 में बनाई गई थी। मंदिर की नींव रखने के बाद उपराज्यपाल इसे कटड़ा के आर्थिक विकास की एक मजबूत शुरुआत बताया।
एलजी ने कहा कि यह पलू हम सभी के लिए ऐतिहासिक और यादगार रहने वाला है। दशकों पहले देखे गए एक सपने को साकार करने का सौभाग्य हमें मिला है। यह मंदिर आने वाले समय में शंकराचार्य के लाखों भक्तों के लिए आध्यात्मिक सहारा बनेगा। साथ ही यहां की क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगा। भवन पर दर्शन करने आने वाले यहां भी आएंगे और इससे आर्थिकी मजबूत होगी।
1967 में बनाई गई थी अवधारणा : श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक श्री शंकराचार्य मंदिर के निर्माण की अवधारणा 1967 में बनाई गई थी। वर्ष 1986 में तत्कालीन राज्यपाल जगमोहन ने मंदिर की आधारशिला रखी थी लेकिन कई कारणों से परियोजना ठंडे बस्ते में रही। वर्ष 2025 में मंदिर निर्माण की दिशा में कई कदम उठाए गए। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और संबंधित मालिकों के बीच समझौता किया गया। इसके बाद गांव हंसली के साथ लगती त्रिकुट पहाड़ी पर मंदिर निर्माण कार्य आखिरकार शुरू हो गया।
