प्रयागराज। आठ दिन जलशयन के बाद मंगलवार को बड़े हनुमानजी का भक्तों ने दर्शन किया। बायंबरी मठ के महंत बलबीर गिरि महाराज ने साफ-सफाई के बाद सुबह पंचामृत के बजरंगबली का अभिषेक किया। पूजन-आरती के बाद दोपहर 12 बजे मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। शंखनाद के बीच मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। बुढ़वा मंगल होने की वजह से रात तक दर्शन-पूजन करने वालों का तांता लगा रहा। महंत बलबीर गिरि ने बताया कि इस बार लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ा और हनुमानजी ने चार बार जलशयन किया। सोमवार रात जल घटने लगा तो मंदिर की साफ-सफाई शुरू हुई 15 जुलाई : गंगा-यमुना नदियों का पानी मंदिर में पहुंचा था। पूजा-अर्चना और आरती के बाद कपाट बंद कर दिए गए थे। जब हनुमानजी जलशयन करते हैं तब एक विग्रह मंदिर बाहर रखा जाता है, जहां श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर रहे हैं।17 जुलाई : देर रात मंदिर के गर्भगृह में गंगा-यमुना नदियों का जल प्रवेश कर गया था। इसके बाद पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए थे। करीब एक हफ्ते बाद कपाट खोले गए थे।29 जुलाई : तीसरी बार मंदिर के गर्भगृह में जाकर मां गंगा-यमुना ने बड़े हनुमानजी का अभिषेक कर जलशयन कराया था। बड़े हनुमानजी मंदिर के कपाट 13 दिन के शयन के बाद 11 अगस्त खोले गए।25 अगस्त : चौथी बार बड़े हनुमान मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा गंगा-यमुना की मंगलवार को आठ दिन बाद वापसी हुई। इसके बाद बड़े हनुमान मंदिर के कपाट अभिषेक, पूजन-अर्चन के बाद खोल दिए गए।पहाड़ों पर हो रही बारिश और कई बांधों से जिस तरह पानी छोड़ा जा रहा है, उससे आशंका है कि बड़े हनुमानजी के मंदिर में गंगा-यमुना का पानी फिर पहुंच सकता है। ऐसा हुआ तो पांचवीं बार हनुमानजी जलशयन कर सकते हैं। प्रशासन ने कछारी इलाकों के लिए आर्ट जारी किया है।
