नई दिल्ली/शिमला/देहरादून। उत्तर भारत में बारिश, बाढ़ व भूस्खलन से तबाही मची है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में यमुना घाटी में बादल फटने से नौगांव में भारी नुकसान हुआ। कई मकान और वाहन मलबे में दब गए हैं। घरों में पहाड़ से आया मलबा भर गया है। चमोली जिले के ब्रह्मसैन में भूस्खलन से 150 मीटर सड़क धंसने से कई मकानों में दरारें पड़ गई हैं। पंजाब में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। दिल्ली में भी यमुना उफान पर है। हालांकि है।
विस्तार कुछ घटाजार से अधिक गांव और चार लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। कई नदियां अव भी उफान पर हैं। लाखों हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो गई हैं। सड़कें और रिहायशी इलाके तबाही के मंजर बयां कर रहे हैं। हालांकि, वारिश थमने से स्थिति में कुछ सुधार हो रहा है, जिसे देखते हुए सोमवार से सभी स्कूल और कॉलेजों को खोलने का फैसला किया गया है।
दिल्ली में पुराने रेलवे पुल पर यमुना नदी का जलस्तर रविवार सुबह 8 बजे कम होकर 205.56मीटर पर पहुंच गया, जो कई दिन से 207 मीटर के आसपास था। जलस्तर अब भी खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर ही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, मयूर विहार, कश्मीरी गेट औरआसपास के इलाकों में अस्थायी टेंट लगाए गए हैं। हथिनीकुंड बैराज से 51,335 और वजीराबाद बैराज से 73,280 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
हिमाचल, राजस्थान में भारी बारिश का अनुमान : मौसमविभाग ने हिमाचल राजस्थान व गुजरात में सोमवार को भारी बारिश की चेतावनी दी है। हिमाचल के शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, कुल्लू, मंडी, ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में भारी बारिश का यलो अलर्ट है।
