प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी तबला दिवस का आयोजन 31 मई 2025 को जगत तारन के ऑडोटोरियम में किया गया, जिसकी शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा / गुदई महाराज व गुरु जी पंडित कुमार लाल मिश्र जी के चित्रों पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण कर व दीप प्रज्जवलित कर की गई। इसके पश्चात इलाहाबाद विश्विद्यालय के शोधार्थियो/विद्यार्थियों के द्वारा कुलगीत (हे! स्वामी सामता सकल संगीत, जग के महाराज…) की सुंदर प्रस्तुति दी गई
गायन में शिवशंकर मिश्र, संजू कुमार, मनीष कुमार, श्रवण, प्रोन्नति तिवारी, रितिका श्रीवास्तव, स्मृति तिवारी, प्रतीक्षा मिश्रा, प्रिया शर्मा, शिवाली तथा हारमोनियम पर श्री अनुराग मिश्र व तबले पर शुभम पटवा, उदय नारायण पाण्डेय, ढोलक पर आदर्श चंद्रा रहे। इसके पश्चात् खुशी साहू द्वारा कत्थक नृत्य की प्रस्तुति ” नाचे मन मोरा मगन” गीत पर की गई।
इस अवसर पर प्रो जौहरी ने कहा – पद्मभूषण पंडित सामता सदृश कलाकार सदियों में जन्म लेते हैं l उन्होंने तबला की साउंड क्वालिटी पर जो सुंदर कार्य किया है उसका संगीत जगत हमेशा ऋणी रहेगा l उनको प्रति वर्ष श्रद्धांजलि सुमन अर्पित करने से स्वयं को ही अपार प्रसन्नता तथा उनका आशीर्वाद मिलता है l
इसके पश्चात् प्रोo रेनू जौहरी द्वारा ट्रस्ट की ओर से *संगीत सेवा रत्न पुरस्कार* से श्री समीर भालेराव, डॉ. मधु शुक्ला, श्री अनूप बनर्जी जी को संगीत के क्षेत्र में अनवरत सेवाओं हेतु सम्मानित किया गया l
इसके पश्चात् श्री समीर भालेराव जी द्वारा राग बिहाग में विलंबित रचना ” कैसे सुख सौवें निदरिया , श्याम मूरत चित चढ़ी ” तत्पश्चात मध्य लय रचना ‘ लगन तोसों लागी ‘बंदिश के गायन सुंदर प्रदर्शन किया। आपके साथ तबले पर श्री अनूप बनर्जी तथा हारमोनियम पर अनुराग मिश्र ने साथ दिया l बनारस घराने के तबला कलाकार श्री कुबेर नाथ मिश्र जी को मानपत्र, अंग वस्त्र तथा पुष्प गुच्छ प्रदान कर उनका स्वागत – सत्कार किया गया l आपने बनारस घराने की परंपरागत शैली में एकल तबला वादन के अंतर्गत उठान , आलाप, बांट, रेला, गत, फर्द, चक्करदार और प्राचीन दुर्लभ बंदिशों का वादन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। आपके साथ नगमे पर श्री अनुराग मिश्र ने सुंदर संगति की तबले पर पीयूष ने साथ दिया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए l
धन्यवाद ज्ञापन, डॉ रंजना त्रिपाठी जी ने किया। मंच संचालन का कार्यभार डॉ. आकांक्षा पाल ने संभाला। इस दौरान डॉ. मधु शुक्ला, डॉ अंकिता चतुर्वेदी,डॉ. बंदना त्रिपाठी, दिव्या गुप्ता, प्रोन्नती तिवारी, स्तुति कुमारी, शुभम पटवा, उदय नारायण पाण्डेय, शिव शंकर मिश्रा, नैंसी जायसवाल, दीपांशु मिश्रा, रामानुज, वैभव, जितेंद्र, स्नेहा , प्रियंका,शिवाली, आदित्य कुमार, शिव शक्ति पाण्डेय, तनिष्क, आकृति मिश्रा, रेनू वर्मा, मनीष कुमार, श्रवण, संजू कुमार, शिवाली, रितिका श्रीवास्तव, स्मृति तिवारी, प्रतीक्षा मिश्रा, प्रिया शर्मा, आदर्श चंद्रा आदि विद्यार्थी/ शोधार्थी, उपस्थित रहे।
