नई दिल्ली। 16 साल बाद आखिरकार 26/11 मुंबई आतंकी हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा को भारत ले आया गया है। पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक राणा का नया ठिकाना अब तिहाड़ जेल है, जहां उसे कड़ी सुरक्षा वाली सेल में रखा गया है। हमले के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली के मददगार और प्रमुख साजिशकर्ता राणा (64) के प्रत्यर्पण से आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करने में और अधिक मदद मिलेगी। राणा अमेरिका में न्यायिक हिरासत में था। भारत-अमेरिका के बीच संधि के तहत उसका प्रत्यर्पण हुआ है।
राणा को लेकर अमेरिका के लॉस एंजिलिस से विशेष विमान गल्फस्ट्रीम जी550 दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर बृहस्पतिवार शाम 6:15 बजे उतरा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एयरपोर्ट पर राणा को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर उसकी मेडिकल जांच कराई। इसके बाद उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। एनआईए ने उसका 15 दिन का रिमांड मांगा है। सरकार की ओर से कोर्ट में वरिष्ठ वकील दयान कृष्णन और विशेष सरकारी वकील नरेंद्र मान पेश हुए। वहीं, दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण के वकील पीयूष सचदेवा आरोपी राणा की ओर से पेश हुए।
एनआईए ने कहा, मुंबई आतंकी हमले के दोषी राणा को एनआईए और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की सुरक्षा में दिल्ली लाया गया। सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सालों की लगातार, ठोस और संगठित कोशिशों के बाद यह प्रत्यर्पण संभव हो सका है।
