नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। भारत के विमानन क्षेत्र में वैश्विक कंपनियों के लिए निवेश करने का यह बेहतरीन अवसर है।
पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) की 81 वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य 2030 तक मरम्मत और रखरखाव (एमआरओ) खंड का आकार बढ़ाकर चार अरब डॉलर करने का है। देश में भरोसेमंद नीतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक विमानन परिवेश में भारत न केवल एक विशाल बाजार है बल्कि नीति, नेतृत्व, नवोन्मेष और समावेशी विकास का प्रतीक भी हैं। देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत नागरिक विमानन क्षेत्र में बड़े निवेश के लिए तैयार है।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार… पीएम ने कहा कि हम चाहते हैं कि दुनिया भारत को न केवल एक विमानन बाजार के रूप में देखे बल्कि एक मूल्य श्रृंखला के प्रमुख देश के रूप में भी देखे। हमारी दिशा और गति सही है। इसलिए, हमें भरोसा है कि हम तेजी से आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत विश्वस्तरीय एयरपोर्ट में निवेश कर रहा है और इनकी संख्या 74 से बढ़कर 162 हो गई है। आज, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है।पीएम ने कहा कि मैं देश में तीन मजबूत स्तंभों का जिक्र कर रहा हूं जो इसके आधार हैं। पहला, भारत में बाजार है। यह बाजार सिर्फ उपभोक्ताओं का समूह नहीं है, बल्कि भारत के आकांक्षी समाज का प्रतिबिंब भी है। दूसरा, हमारे पास प्रौद्योगिकी और नवाचार के लिए जनसांख्यिकी और प्रतिभा है। हमारे युवा नए युग के नवोन्मेषक हैं जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सफलता ला रहे हैं। तीसरा, हमारे पास उद्योग के लिए खुली और सहायक पारिस्थितिकी तंत्र नीति है। इन तीन क्षमताओं के आधार पर हमें भारत के विमानन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
