गंगटोक/गुवाहाटी। सिक्किम के छतेन में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन की चपेट में एक सैन्य शिविर के आने से पीलीभीत के हवलदार लखविंदर सिंह समेत तीन जवान बलिदान हो गए। हादसे में छह लोग लापता हैं। मूसलाधार मानसूनी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्यों में स्थिति गंभीर बनी हुई है।
लखविंदर सिंह हादसों में अब तक असम में बाढ़ और बारिश से जुड़े 11 और अरुणाचल में 10 लोगों की जान जा चुकी है। लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। तीन हजार से अधिक घरों को भी नुकसान पहुंचा है। हजारों लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत विभिन्न एजेंसियों को लगाया गया है। मौसम विभाग ने 5 जून तक पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इससे स्थिति के और खराब होने की आशंका है। असम के 22 जिलों में 165 राहत शिविरों में 31,212 विस्थापितों ने शरण ली है। मणिपुर में 31 राहत शिविर बनाए गए हैं।
गंगटोक में सेना के एक अधिकारी ने बताया कि मंगन जिले के लाचेन कस्बे के पास रविवार शाम सात बजे भूस्खलन हुआ। मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ भरभराकर टूटा और उसका मलबा सैन्य शिविर पर जा गिरा। हादसे में बलिदान हुए जवानों की पहचान हवलदार लखविंदर सिंह,लांसनायक मनीष ठाकुर और पोर्टर अभिषेक लकड़ा के रूप में हुई है। चार जवानों को बचा लिया गया है, जबकि एक अधिकारी और उनके परिवार सहित छह लोग लापता हैं। इनमें लेफ्टिनेंट कर्नल प्रीतपाल संधू (जीएसओ-I), उनकी पत्नी स्क्वाड्रन लीडर आरती बी संधू (सेवानिवृत्त), बेटी अमायरा संधू, सूबेदार धर्मवीर, जवान सइनुद्दीन पीके और सुनीलाल मुचाहरी शामिल हैं। सभी की तलाश चल रही है।
