फर्जी वकालतनामा दाखिल करने वालों की अब खैर नहीं
हाई कोर्ट ने दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र में दूसरे पक्ष की ओर से ही खुद ही वकालतनामा दाखिल करवाने वाले वकील पर कार्यवाही का निर्देश दिया है।
विधि के व्यवसाय में कानून का राज कायम रखने और कानून की संस्थाओं को सबसे ऊंचे पायदान पर रखने के लिए व्यवसायिक नैतिकता बुनियाद है। यह काफी चिंताजनक बात है कि विधि व्यवसाय में गिरावट देखने को मिल रही है ।इस व्यवसाय में अनुशासन, पारदर्शिता ,विश्वास और नैतिक मूल्य के तत्व होने चाहिए ।साथ ही कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि वकालतनामा महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है जो अधिवक्ता को उसके मुवक्किल की ओर से काम करने का अधिकार देता है इसलिए वकालतनामा संदेह से परे होना चाहिए ।
यह भी प्रस्ताव दिया कि वकालतनामा के साथ उस पर दस्तखत करने वाले व्यक्ति का पहचान पत्र, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर भी दिया जाना चाहिए या फिर इसका कोई दूसरा हल निकाला जाए ताकि फर्जी वकालतनामा दाखिल करने से लोगों को रोका जा सके।
Samiksha
