हम जब भी कोई फ्रिज खरीदने जाते हैं, तो अक्सर 190 लीटर, 250 लीटर या 350 लीटर जैसे आंकड़े सुनने को मिलते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर फ्रिज की लंबाई और चौड़ाई में नहीं बल्कि लीटर में क्यों मापा जाता है, जो किसी तरल पदर्थ को मापने की इकाई है? ‘लीटर’ में मापी जाती है फ्रिज की कैपिसिटी दरअसल, फ्रिज को लीटर में मापने का मतलब उसके अंदर उपलब्ध वॉल्यूम यानी आंतरिक भंडारण क्षमता से है, न कि वजन और साइज से। जैसे एक लीटर दूध का मतलब है कि वह एक लीटर की जगह भर सकता है, वैसे ही अगर फ्रिज 250 लीटर का है, तो इसका मतलब है कि उसमें कुल 250 लीटर का सामान (दूध, सब्जी, बर्तन आदि) आ सकते हैं। फिर चाहे वह हल्का हो या भारी। कैसे मापी जाती है फ्रिज की लीटर क्षमता फ्रिज का वॉल्यूम मापने के लिए उसके अंदर के हिस्सों जैसे रेफ्रिजरेटर कंपार्टमेंट, फ्रीजर, शेल्फ और दरवाजों की कुल जगह को जोड़कर मापा जाता है। यह माप घन सेंटीमीटर (cubic centimeter) में होती है, जिसे फिर लीटर में बदला जाता है। उदाहरण के तौरपर, 1,000 क्यूबिक सेंटीमीटर का कुल माप 1 लीटर होता है। लीटर में मापने के फायदे फ्रिज की कैपिसिटी को लीटर में मापने के कई फायदे होते हैं। लीटर के हिसाब से ग्राहक आसानी से अलग-अलग मॉडल की तुलना कर सकते हैं। इससे परिवार के आकार और जरूरत के मुताबिक फ्रिज चुनना आसान हो जाता है। दुनियाभर में लीटर में मापने का चलन है, जिससे वैश्विक स्तर पर भी तुलना करना आसान हो जाता है।
फ्रिज को लीटर में मापने का मकसद उसका वजन बताना नहीं, बल्कि यह बताना है कि उसमें आप कितना सामान रख सकते हैं। यह एक वॉल्यूम आधारित यूनिट है, जो खरीददार को सही चुनाव करने में मदद करती है।
