प्रयागराज। लखनऊ से प्रयागराज आने के लिए गंगा नदी पर बने फाफामऊ चंद्रशेखर आजाद पुल के बंद होने पर संशय बरकरार है। मरम्मत कार्य के लिए नौ सितंबर से 15 दिनों के लिए पुल पर यातायात पूर्णतया बंद किया जाना था। त्योहारी सीजन व बच्चों की अर्द्धवार्षिक परीक्षा को देखते हुए अब इस तिथि के आगे बढ़ने करने का निर्णय लिया गया था। पितृपक्ष, नवरात्र, दशहरा व दीपावली को देखते हुए फिलहाल पुल के बंद होने पर सहमति नहींबन पा रही है। इससे पहले इस पुल की मरम्मत का काम 2022 में हुआ था। ऐसे में तीन साल के अंदर पुनः पुल की मरम्मत होनी है।इस बार पीपापुल की भी नहीं है व्यवस्था : 2022 में जब इस
पुल को मरम्मत के लिए बंद किया गया था, तब दो पहिया वाहनों के लिए पुल खुला था। वहीं चार पहिया छोटे वाहनों के लिए गंगा नदी पर पीपा पुल को विकल्प के तौर पर दिया गया था। ट्रक व बस के लिए सहसों मार्ग उपलब्ध कराया गया था। इसके बावजूद भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। दरअसल इस पुल पर रोजाना हजारों वाहनों का आवागमन होता है। वहीं इस बार सिर्फ सहसों मार्ग यातायात के लिए खुला रखा गया है। इसके अलावा लखनऊ, अयोध्या, फैजाबाद, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, गोंडा, बस्ती बहराइच, गोरखपुर, रायबरेली व ऊंचाहार सहित अन्य शहरों से आने वालों लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।संभावना अधिक है।
ऐसे में पुल कब से कब तक बंद होना है, इस पर जिला प्रशासन की तरफ से एक से दो दिन में निर्णय लिया जा सकता है। पुल पर सात एक्सपेंशन ज्वाइंट ठीक किए जाने हैं। यह कार्य हर तीन से चार वर्षों में एक बार होता है। लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव के बाद पुल को नौ सितंबर से 15 दिनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया था। पितृपक्ष, नवरात्र, दशहरा व दीपावली को देखते हुए फिलहाल पुल के बंद होने पर सहमति नहींबन पा रही है। इससे पहले इस पुल की मरम्मत का काम 2022 में हुआ था। ऐसे में तीन साल के अंदर पुनः पुल की मरम्मत होनी है।इस बार पीपापुल की भी नहीं है व्यवस्था : 2022 में जब इस पुल को मरम्मत के लिए बंद किया गया था, तब दो पहिया वाहनों के लिए पुल खुला था। वहीं चार पहिया छोटे वाहनों के लिए गंगा नदी पर पीपा पुल को विकल्प के तौर पर दिया गया था। ट्रक व बस के लिए सहसों मार्ग उपलब्ध कराया गया था। इसके बावजूद भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। दरअसल इस पुल पर रोजाना हजारों वाहनों का आवागमन होता है। वहीं इस बार सिर्फ सहसों मार्ग यातायात के लिए खुला रखा गया है। इसके अलावा लखनऊ, अयोध्या, फैजाबाद, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, गोंडा, बस्ती बहराइच, गोरखपुर, रायबरेली व ऊंचाहार सहित अन्य शहरों से आने वालों लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
