प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर के आसपास की ‘कुंज गलियों’ और अन्य मंदिरों को गिराए जाने की प्रस्तावित योजना को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की अदालत ने मथुरा के पंकज सारस्वत की जनहित याचिका पर दिया है।
याची की ओर से दलील दी गई कि कुंज गलियां सिर्फ रास्ते नहीं, बल्कि बांके बिहारी की लीलाओं से जुड़ीं ऐतिहासिक और पवित्र स्थली हैं। इन्हें नष्ट करना वैष्णव भक्ति परंपरा की ‘जीवित धरोहर’ को खत्म करना होगा। ये गलियां भक्तों के लिए उतनी ही पूज्य हैं, जितना मंदिर। बांकेबिहारी कॉरिडोर योजना वृंदावन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचा सकती है।
याची ने मांग किया है कि सरकार को पारंपरिक गलियों और मंदिरों को संरक्षित रखने का निर्देश दिया जाएताकि वृंदावन का मूल स्वरूप बना रहे। अब इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट कीखंड पीठ ने राज्य सरकार से तीन जुलाई तक जवाब तलब किया है।
